motivational stories
motivational stories>>दिल को छू जानेवाली कहानियां -> माँ और बेटा
storyline online >> बेटा: हेलो. माँ में तुम्हारा बेटा बोल रहा हू. `कैसी हो माँ?` माँ: में ….. में …. ठीक हू बेटा….. यह बताओ तुम और बहू दोनो कैसे हो? बेटा: हम दोनो ठीक है… माँ आप की बहुत याद आती है?… अछा सुनो माँ, में अगले महीने इंडिया आ रहा हू….. तुम्हे लेने. माँ: क्या? बेटा: हाँ माँ… अब हम सब साथ में रहे गई…. तुम्हारी बहू कह रही थी.. माँ को अमेरिका ले आओ, वाहा अकेली बहुत परेशान हो रही होगी. हेलो…. सुन रही हो ना माँ….? माँ: हाँ.. हाँ बेटे… `माँ की आखों से आँसू बहने लगी…. बेटे और बहू का प्यार नस नस में दौड़ने लगा” `पूरे 5 साल बाद घर आने वाला था” बेटा अकेले आया था… बेटा: माँ हुमे जल्दी ही वापिस जाना है. एसलिए जो भी पैसा किसी से लेना है वो लेकर रख लो. और तब तक में किसी प्रॉपर्टी डीलर से मकान(घर) की बात करता हू.
मा: मकान….??? बेटा: हा माँ, अब यह मकान बेचना पड़ेगा.. वरना कौन इसकी देख भाल करेगा. हम सब तो अब अमेरिका में रहेंगे. `बेटे ने कम पैसों में ही मकान को बेच दिया.” एरपोर्ट पर बेटा: माँ तुम यहा बैठो में अंदर जाकर समान को चेक और बोरडिंग और वीसा का काम निपटा कर आता हू. माँ: ठीक है बेटे… `काफ़ी समय बीट गया.” एरपोर्ट कर्मचारी: ”माजी… किस से मिलना है.” माँ: मेरा बेटा अंदर टिकेट लेने गया है. हम आज अमेरिका जा रहे है. एरपोर्ट कर्मचारी: लेकिन अंदर तो कोई भी नही है, अमेरिका जाने वाली सभी फ्लाइट्स दोपहर में ही चली गयी. `कर्मचारी अंदर गया और कुछ देर बाद बाहर आ कर बोला” कर्मचारी: माजी आपका बेटा तो अमेरिका जाने वाली फ्लाइट से कब का जा चुका है. `बूढ़ी माँ की आखों से आँसू आ गये” किसी तरह वो वापिस घर पहुचि, जो की अब बिक चक्का था. रात में वो घर के बाहर एक रोड के फुटपॅत पर ही सो गयी. सुबह हुई तो एक दयालु मकान मलिक ने एक कमरा रहने को दे दिया. moral stories , small moral stories for kids
पति की पेंसन से घर का किराया और खाने का काम चलने लगा. समय गुजरने लगा. एक दिन मकान मलिक: माजी … क्यू नही आप अपने किसी रिस्तेदार के यहा चली जाए. अब आप की उमर बहुत हो चुकी है. अकेली कब तक रह पावगी. माँ: हाँ, चली तो जाउ , लेकिन कल को मेरा बेटा आया तो…? यहा फिर कौन उसका ख्याल कौन रखेगा? इतना कह कर उसकी आखों से आँसू आने लगे. अगर आपको अच्छा लगा तो कृपया कॉमेंट कीजिए। ऐसी ही motivational stories के लिए पढ़ते रहिए skcreaters.blogspot.com
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storyline online >> बेटा: हेलो. माँ में तुम्हारा बेटा बोल रहा हू. `कैसी हो माँ?` माँ: में ….. में …. ठीक हू बेटा….. यह बताओ तुम और बहू दोनो कैसे हो? बेटा: हम दोनो ठीक है… माँ आप की बहुत याद आती है?… अछा सुनो माँ, में अगले महीने इंडिया आ रहा हू….. तुम्हे लेने. माँ: क्या? बेटा: हाँ माँ… अब हम सब साथ में रहे गई…. तुम्हारी बहू कह रही थी.. माँ को अमेरिका ले आओ, वाहा अकेली बहुत परेशान हो रही होगी. हेलो…. सुन रही हो ना माँ….? माँ: हाँ.. हाँ बेटे… `माँ की आखों से आँसू बहने लगी…. बेटे और बहू का प्यार नस नस में दौड़ने लगा” `पूरे 5 साल बाद घर आने वाला था” बेटा अकेले आया था… बेटा: माँ हुमे जल्दी ही वापिस जाना है. एसलिए जो भी पैसा किसी से लेना है वो लेकर रख लो. और तब तक में किसी प्रॉपर्टी डीलर से मकान(घर) की बात करता हू.
मा: मकान….??? बेटा: हा माँ, अब यह मकान बेचना पड़ेगा.. वरना कौन इसकी देख भाल करेगा. हम सब तो अब अमेरिका में रहेंगे. `बेटे ने कम पैसों में ही मकान को बेच दिया.” एरपोर्ट पर बेटा: माँ तुम यहा बैठो में अंदर जाकर समान को चेक और बोरडिंग और वीसा का काम निपटा कर आता हू. माँ: ठीक है बेटे… `काफ़ी समय बीट गया.” एरपोर्ट कर्मचारी: ”माजी… किस से मिलना है.” माँ: मेरा बेटा अंदर टिकेट लेने गया है. हम आज अमेरिका जा रहे है. एरपोर्ट कर्मचारी: लेकिन अंदर तो कोई भी नही है, अमेरिका जाने वाली सभी फ्लाइट्स दोपहर में ही चली गयी. `कर्मचारी अंदर गया और कुछ देर बाद बाहर आ कर बोला” कर्मचारी: माजी आपका बेटा तो अमेरिका जाने वाली फ्लाइट से कब का जा चुका है. `बूढ़ी माँ की आखों से आँसू आ गये” किसी तरह वो वापिस घर पहुचि, जो की अब बिक चक्का था. रात में वो घर के बाहर एक रोड के फुटपॅत पर ही सो गयी. सुबह हुई तो एक दयालु मकान मलिक ने एक कमरा रहने को दे दिया. moral stories , small moral stories for kids
पति की पेंसन से घर का किराया और खाने का काम चलने लगा. समय गुजरने लगा. एक दिन मकान मलिक: माजी … क्यू नही आप अपने किसी रिस्तेदार के यहा चली जाए. अब आप की उमर बहुत हो चुकी है. अकेली कब तक रह पावगी. माँ: हाँ, चली तो जाउ , लेकिन कल को मेरा बेटा आया तो…? यहा फिर कौन उसका ख्याल कौन रखेगा? इतना कह कर उसकी आखों से आँसू आने लगे. अगर आपको अच्छा लगा तो कृपया कॉमेंट कीजिए। ऐसी ही motivational stories के लिए पढ़ते रहिए skcreaters.blogspot.com


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